• Phone : 0612-2205482/2218259/ Email : info@bssta.org
  • बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ : परिचय

    18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में दुनिया के मजदूरों ने शोषण से मुक्ति और अपनी न्यायोचित मांगों की पूर्ति के लिए श्रमिक संघ की स्थापना की। अपनी संघीय शक्ति से तात्कालीन सत्ता को चुनौती दी और शोषण एवं दमन से मुक्ति पायी। श्रमिक संघ की इस ऐतिहासिक पहल का व्यापक असर हुआ और इसी की प्रेरणा से बिहार राज्य के माध्यमिक शिक्षक, जो निजी व्यवस्था के शोषण का दंश झेल रहे थे, 21 जनवरी, 1925 को ‘बिहार एण्ड उड़ीसा सेकेण्ड्री टीचर्स ऐसासिएशन’ की स्थापना की। उल्लेखनीय है कि उस वक्त उड़ीसा भी बिहार का हिस्सा हुआ करता था। वर्ष 1935 में उड़ीसा राज्य के अस्तित्व में आने के बाद इस संगठन का नाम ‘बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ’ हुआ।


    यह देश का अकेला संगठन है जो अपनी सांगठनिक एकता की बदौलत गतिशील एवं अविच्छिन्न है और उत्तरोत्तर उपलब्धियों को हासिल करता जा रहा है। 1925 में इसका पहला राज्य अधिवेशन पटना में हुआ था और अद्यतन 46वाँ राज्य अधिवेशन समस्तीपुर में सम्पन्न हुआ है।


    वर्ष 1929 में संगठन ने शैक्षिक एवं सांस्कृतिक जागरण के निमित्त ‘बिहार एवं सांस्कृतिक जर्नल्स’ नाम से एक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया। उड़ीसा के अलग राज्य बनने के पश्चात् इसे अंग्रेजी में ‘इस्टर्न एडुकेशनिस्ट’ नाम से और बाद में हिन्दी में ‘प्राच्य प्रभा’ के नाम से प्रकाशित होने लगी।
    31 मार्च, 1941 को संघ से सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के द्वारा बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ एक पंजीकृत निकाय बना। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने अपनी एकजुटता एवं सतत् संघर्ष की बदौलत 1974 में बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधीन लाया और 2 अक्टूबर, 1980 को राज्य के माध्यमिक विद्यालयों का राष्ट्रीयकरण कराया और विद्यालयों के समस्त शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को निजी दासता से मुक्ति दिलायी। हमारे सतत संघर्ष का प्रतिफल है कि आज राज्य के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तरकर्मी छठे केन्द्रीय वेतनमान का लाभ ले रहे हैं। हमारी आगामी लड़ाई नियोजित शिक्षकों को नियत वेतन से मुक्ति और वेतनमान को हासिल करने की है।


    बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने देश के लगभग तमाम शैक्षिक आयोगों के समक्ष शिक्षा की दशा-दिशा पर हस्तक्षेप किया है शिक्षा की नीतियों, पाठ्यक्रम एवं अन्य क्रियाशीलनों, परीक्षा मूल्यांकन के निर्माण में संगठन ने सरकार के पास सार्थक विकल्प भी प्रस्तुत किया है। अभी तक इसके 46 अधिवेशन हो चुके हैं।


    बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ का राज्य स्तरीय मुख्यालय पटना में है जो लगभग 4 कट्ठे जमीन में निर्मित, सुव्यवस्थित एवं सुसज्जित है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में जिला इकाईयों के भी सुव्यवस्थित संघ भवन है।


    ‘‘संघर्ष एवं एकता’’ हमारा मूलमंत्र है।